सिडनी : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। 2 जनवरी, 2026 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ख्वाजा ने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी एशेज सीरीज का पांचवां और अंतिम टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच होगा।
39 वर्षीय ख्वाजा का संन्यास लेना ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक युग का अंत माना जा रहा है। यहाँ उनके करियर और इस घोषणा से जुड़ी प्रमुख बातें दी गई हैं:
विदाई के लिए सिडनी को ही क्यों चुना?
ख्वाजा के लिए सिडनी का मैदान बेहद खास है। उन्होंने साल 2011 में एशेज सीरीज के दौरान ही इसी मैदान से अपना टेस्ट डेब्यू किया था। 15 साल बाद, वह उसी मैदान और उसी प्रतिद्वंद्वी (इंग्लैंड) के खिलाफ अपना 88वां और अंतिम टेस्ट खेलकर विदा लेंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि मैं अपनी शर्तों पर और सम्मान के साथ विदा ले रहा हूं।”
करियर के प्रभावशाली आंकड़े
उस्मान ख्वाजा ने रेड-बॉल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में काम किया। उनके आंकड़े उनकी महानता को दर्शाते हैं:
- टेस्ट क्रिकेट: 87 मैचों में 43.39 की औसत से 6,206 रन, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं।
- वनडे और टी20: उन्होंने 40 वनडे मैचों में 1,554 रन और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 241 रन बनाए।
- उपलब्धि: वह 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रमुख सदस्य थे और उसी वर्ष उन्हें ‘ICC टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ चुना गया था।
संघर्ष और नस्लवाद पर खुलकर बोले
अपनी विदाई स्पीच में ख्वाजा ने अपने संघर्षों को याद किया। पाकिस्तान में जन्मे ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम और दक्षिण-एशियाई मूल के खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा:
”मैं पाकिस्तान का वो ‘कलर्ड बॉय’ (अश्वेत लड़का) हूं जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाएगा। लेकिन आज मैं यहाँ खड़ा हूं। मैंने नस्लीय रूढ़ियों (Racial Stereotypes) का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी।”
परिवार और साथियों का आभार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ख्वाजा का परिवार भी उनके साथ मौजूद था। उन्होंने अपने माता-पिता के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे उन लोगों का हाथ है जो कभी ‘हाइलाइट्स रील’ में नजर नहीं आते। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह पिछले साल ही संन्यास लेना चाहते थे, लेकिन कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के कहने पर उन्होंने खेलना जारी रखा।
आगे क्या?
ऑस्ट्रेलिया वर्तमान एशेज सीरीज में 3-1 से आगे है। सिडनी टेस्ट 4 जनवरी से शुरू होगा, जहां पूरा ऑस्ट्रेलिया अपने इस चहेते खिलाड़ी को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ेगा। ख्वाजा के जाने से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी के शीर्ष क्रम में एक बड़ा शून्य पैदा होगा जिसे भरना आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती होगी।
