नई दिल्ली, 9 जनवरी, 2026 – Modi-Trump conversation controversy अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर चल रही बातचीत को लेकर यूएस के कॉमर्स मिनिस्टर हॉवर्ड लुटनिक के बयान पर नया विवाद शुरू हो गया है. लुटनिक ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्र प्रमुख डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था, इसलिए डील नहीं हो पाई.
लेकिन भारत ने इस दावे के खंडन किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया है. MEA प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप से आठ बार बात की है.
पीएम मोदी ने ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कॉमर्स मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बयान पर कहा, ‘भारत और अमेरिका पिछले साल फरवरी से ही दोनों देश व्यापार डील पर बातचीत कर रहे हैं. कई दौर की बातचीत दोनों पक्षों ने की है. रिपोर्ट की गई टिप्पणियों (हॉवर्ड लुटनिक का बयान) में इन चर्चाओं का जो विवरण दिया गया है, वो सच नहीं है. हम इस डील को पूरा करने की आशा रखते हैं. साल 2025 में भारत के प्रधानमंत्री और ट्रंप के बीच 8 पर फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई. हम कई बार डील को फाइनल करने पर पहुंचे हैं.’
भारत के विदेश मंत्रालय का बयान
MEA प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, ‘भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. तब से दोनों पक्षों ने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है. कई मौकों पर हम समझौते के बहुत करीब रहे हैं. हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं (Complementary Economies) के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि ये पूरा हो.
अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. जिस वजह से भारत 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ का सामना कर रहा है. लुटनिक ने गुरुवार (8 जनवरी 2026) को एक पॉडकास्ट में कहा, ‘सारे समझौते तैयार हो चुके थे और डील पूरी तरह तैयार थी. बस दोनों नेता के स्तर पर बातचीत होनी थी. पीएम मोदी को राष्ट्र प्रमुख ट्र्ंप को फोन करना था, लेकिन उन्होंने नहीं किया.’
