साल 2026 की शुरुआत आम आदमी और व्यापारिक वर्ग के लिए एक कड़वी खबर के साथ हुई है। नए साल के जश्न के बीच, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महंगाई का जोरदार झटका देते हुए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी इजाफा किया है। 1 जनवरी, 2026 से देशभर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी की गई है।
दिसंबर के महीने में मिली मामूली राहत के बाद यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है, जो खान-पान के कारोबार से जुड़े हैं।
प्रमुख महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम
ऑयल कंपनियों द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, देश के चारों प्रमुख महानगरों में आज से नई दरें प्रभावी हो गई हैं:
| शहर | पुराना रेट (₹) | नया रेट (₹) | कुल बढ़ोतरी (₹) |
| दिल्ली | 1580.50 | 1691.50 | 111.00 |
| कोलकाता | 1684.00 | 1795.00 | 111.00 |
| मुंबई | 1531.50 | 1642.50 | 111.00 |
| चेन्नई | 1739.50 | 1849.50 | 110.00 |
घरेलू रसोई गैस (14.2 KG) के उपभोक्ताओं के लिए राहत
एक ओर जहां कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में आग लगी है, वहीं दूसरी ओर आम गृहणियों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह अब भी ₹853, मुंबई में ₹852.50 और कोलकाता में ₹879 पर स्थिर बना हुआ है। घरेलू सिलेंडर की कीमतें अप्रैल 2025 के बाद से लगभग यथावत हैं।
आम जनता की जेब पर क्या होगा असर?
भले ही घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े हैं, लेकिन कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से आपकी जेब पर परोक्ष (Indirect) असर पड़ना तय है:
बाहर खाना होगा महंगा: रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और चाय-नाश्ते की दुकानों पर कमर्शियल गैस का ही इस्तेमाल होता है। ₹111 की भारी बढ़ोतरी के बाद अब बाहर मिलने वाले खाने और नाश्ते की कीमतों में इजाफा हो सकता है।
कैटरिंग और शादियां: भारत में अभी शादियों का सीजन चल रहा है। हलवाई और कैटरर्स कमर्शियल गैस का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं, जिससे शादी के कार्यक्रमों का बजट बढ़ सकता है।
बेकरी प्रोडक्ट्स: ब्रेड, बिस्कुट और केक जैसे उत्पादों को बनाने वाली इकाइयों पर भी लागत का दबाव बढ़ेगा।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) हर महीने की पहली तारीख को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति की समीक्षा करती हैं। वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन की बाधाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर ₹111 की बढ़ोतरी के रूप में दिखा है।
दिसंबर में मिली थी राहत
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹10 की कटौती की थी। उससे पहले नवंबर में भी दाम थोड़े कम हुए थे। लेकिन जनवरी 2026 की इस भारी बढ़ोतरी ने पिछले दो महीनों की पूरी राहत को खत्म कर दिया है और कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं।
2026 की पहली सुबह महंगाई के इस ‘बम’ के साथ हुई है। जहां एक तरफ मध्यम वर्ग को घरेलू गैस की स्थिर कीमतों से संतोष है, वहीं व्यापारियों और होटल मालिकों के लिए यह साल की एक चुनौतीपूर्ण शुरुआत है।
