न्यूयोर्क, 6 जनवरी, 2026 – Cilia Flores वेनेजुएला के पूर्व प्रमुख निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी के दौरान सामने आई तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 5 जनवरी 2026 को जब इन दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में लाया गया, तो सिलिया फ्लोरेस की शारीरिक स्थिति चर्चा का केंद्र बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों और कोर्ट रूम से सामने आई खबरों के अनुसार सिलिया फ्लोरेस के चेहरे और सिर पर पट्टियां बंधी हुई थीं और उनकी आंखों के पास चोट के गहरे निशान साफ दिखाई दे रहे थे।
कब आईं तसवीरें सामने?
अदालत की कार्यवाही के दौरान सिलिया फ्लोरेस के वकील मार्क डोनेली ने जज के सामने गंभीर आरोप लगाए। वकील ने दावा किया कि अमेरिकी विशेष बलों (डेल्टा फोर्स) ने जब काराकास के सैन्य परिसर में छापेमारी की, तो उनके क्लाइंट के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। वकील के अनुसार गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान सिलिया फ्लोरेस की पसली टूट गई और उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं। बचाव पक्ष ने अदालत से मांग की कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए ताकि उनके फ्रैक्चर और अन्य चोटों का उचित इलाज हो सके।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी का घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब अमेरिकी कमांडो ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला में प्रवेश किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मादुरो और उनकी पत्नी को उनके निजी निवास से सोते समय हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तुरंत एक विशेष विमान से अमेरिका लाया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान निकोलस मादुरो ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय अपहरण करार दिया। मादुरो ने अदालत में चिल्लाकर कहा कि वे अभी भी वेनेजुएला के वैध प्रमुख हैं और अमेरिका को उन्हें इस तरह गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
क्यों किया अमेरिका ने ऐसा?
अमेरिकी अभियोजकों ने इन दोनों पर नार्को-टेररिज्म, मनी लॉन्ड्रिंग और अमेरिका में भारी मात्रा में कोकीन भेजने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि मादुरो सरकार ने एक आपराधिक संगठन की तरह काम किया। हालांकि सिलिया फ्लोरेस की चोटों पर अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है कि ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। फिलहाल अदालत ने दोनों को बिना जमानत के हिरासत में रखने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें न्यूयॉर्क की एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में रखा जाएगा।
वेनेजुएला की कार्यवाहक सरकार, जिसे अमेरिका और कई अन्य पश्चिमी देशों का समर्थन प्राप्त है, ने इस ऑपरेशन का स्वागत किया है। कार्यवाहक प्रमुख एडमंडो गोंजालेज और विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने इसे न्याय की जीत बताया है। कार्यवाहक सरकार का कहना है कि मादुरो की गिरफ्तारी से वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली का रास्ता साफ होगा। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि देश के संसाधनों पर अब जनता का अधिकार होगा, जिसे मादुरो शासन ने सालों तक लूट लिया था। सरकार ने यह भी कहा कि वेनेजुएला की नई न्याय व्यवस्था अमेरिका के साथ मिलकर उन सभी अपराधियों को सजा दिलाएगी जिन्होंने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है।
वेनेजुएला की जनता और सेना का रुख क्या है?
मादुरो की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वेनेजुएला की राजधानी काराकास की सड़कों पर मिला-जुला माहौल देखने को मिला। एक तरफ विपक्षी समर्थकों ने आतिशबाजी कर और राष्ट्रीय गान गाकर जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि वे दशकों से इस तानाशाही के अंत का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, दूसरी ओर मादुरो के कट्टर समर्थकों, जिन्हें चविस्तास कहा जाता है, ने इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद का हमला बताया है। कुछ इलाकों में छिटपुट विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण रुख वेनेजुएला की सेना का रहा है। गिरफ्तारी के शुरुआती घंटों में सेना के भीतर काफी तनाव था, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार सेना के बड़े हिस्से ने कार्यवाहक सरकार के प्रति निष्ठा की शपथ ले ली है। सेना के प्रमुख जनरल व्लादिमीर पाड्रिनो लोपेज के ठिकाने के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन सेना ने किसी भी बड़े विद्रोह के बजाय देश में व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति
रूस, चीन और क्यूबा जैसे मादुरो के करीबी देशों ने इस सैन्य ऑपरेशन की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इसके विपरीत, कोलंबिया, ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे पड़ोसी देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और इसे वेनेजुएला के आंतरिक संकट का अंत माना है।
