नई दिल्ली, 6 जनवरी, 2026 – JNU: FIR registered in sloganeering case दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ की गई विवादित नारेबाजी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और उन्हें यूनिवर्सिटी से निलंबित या निष्कासित किया जा सकता है.
इस मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करा दी गई है. प्रशासन का कहना है कि जेएनयू नवाचार और नए विचारों का केंद्र है, इसे नफरत की प्रयोगशाला में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में राष्ट्रविरोधी हरकतों या अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
क्या है घटना?
यूनिवर्सिटी के अनुसार, साबरमती हॉस्टल के बाहर 5 जनवरी की रात को छात्रसंघ से जुड़े करीब 30 से 35 छात्रों ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था. यह कार्यक्रम साल 2020 में हुई परिसर हिंसा की छठी बरसी मनाने के लिए रखा गया था. प्रशासन द्वारा पहचानी गई सूची में अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, सुनील यादव, दानिश अली, साद अजमी, महबूब इलाही, कनिष्क, पकीजा खान और शुभम जैसे छात्रों के नाम शामिल हैं.
शिकायत में बताया गया है कि उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर आए न्यायिक फैसले के बाद कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया. कुछ छात्रों ने उकसाने वाले और बेहद आपत्तिजनक नारे लगाने शुरू कर दिए, जो लोकतांत्रिक असहमति की सीमाओं का उल्लंघन है. प्रशासन ने इसे जेएनयू की आचार संहिता का उल्लंघन और सर्वोच्च न्यायालय के प्रति अनादर करार दिया है.
The Jawaharlal Nehru University administration has vowed the strictest action against students found raising objectionable slogans against Hon’ble Prime Minister and Hon’ble Home Minister. An FIR has already been lodged in the matter: Jawaharlal Nehru University (JNU) pic.twitter.com/Fyl2QnatYc
— IANS (@ians_india) January 6, 2026
यूनिवर्सिटी ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वाले छात्रों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित (डिबार) भी किया जा सकता है. घटना के समय मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी स्थिति की निगरानी की थी, जिसके आधार पर अब कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा ?
दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वसंत कुंज नॉर्थ थाने में अज्ञात और कुछ नामजद छात्रों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने कहा है कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन से उस रात की वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांग रहे हैं ताकि नारेबाजी करने वाले छात्रों की पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या इन नारों से सार्वजनिक शांति भंग होने या समुदायों के बीच नफरत फैलने की संभावना थी।
अब क्या होगा ?
पुलिस आने वाले दिनों में नामजद छात्रों को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। वहीं, जेएनयू प्रशासन ने एक आंतरिक जांच समिति ( Proctorial Enquiry) भी गठित की है, जो अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही छात्रों के निलंबन या निष्कासन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। परिसर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
