गाजियाबाद में तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला जितना दुखद है, उतना ही रहस्यमय भी बनता जा रहा है। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आए CCTV (Closed Circuit Television) फुटेज ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सोसायटी की लिफ्ट में लगे कैमरों की DVR रिकॉर्डिंग में उस दिन की हर गतिविधि कैद बताई जा रही है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
लिफ्ट का CCTV बना अहम सबूत
सूत्रों के मुताबिक, जिस समय तीनों बच्चियां नौवीं मंजिल की बालकनी से गिरीं, उस वक्त की गतिविधियां लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गईं। यही फुटेज अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि DVR (Digital Video Recorder) में घटनाक्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण दृश्य दर्ज हैं, जिनके आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि बच्चियों के गिरने के तुरंत बाद उनके पिता चेतन अपनी बड़ी पत्नी सुजाता, दूसरी पत्नी हिना और टीना उर्फ नाजनीन के साथ लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर आए थे। उस समय तक बच्चियों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार के सदस्य कुछ समय के लिए सोसायटी परिसर से बाहर भी जाते दिखाई दिए।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
जब बच्चियां नीचे गिरीं तो सोसायटी में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। तीनों बच्चियों के शव गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। पुलिस को सूचना देने के साथ-साथ लोग परिवार को भी बुलाने लगे।
इसी बीच CCTV फुटेज में दिखता है कि कुछ समय बाद टीना उर्फ नाजनीन दोबारा लिफ्ट से नौवीं मंजिल पर जाती है। उस समय पुलिस अभी तक मौके पर नहीं पहुंची थी। सोसायटी के लोगों ने परिवार से अनुरोध किया कि बच्चियों के शवों को ढक दिया जाए। इसके बाद चेतन और सुजाता कपड़ा लेने के लिए ऊपर जाते हैं।
लिफ्ट के अंदर का विवाद
DVR फुटेज में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जब लिफ्ट नौवीं मंजिल पर खुलती है, तो टीना अपनी तीन साल की बच्ची को गोद में लिए और हाथ में कपड़ा लिए नजर आती है। इसके बाद चेतन, सुजाता और टीना तीनों लिफ्ट के अंदर होते हैं।
इसी दौरान तीनों के बीच तीखी बहस शुरू हो जाती है। फुटेज के अनुसार, झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि कोई भी लिफ्ट का बटन दबाने की स्थिति में नहीं रहता और लिफ्ट कुछ देर तक उसी फ्लोर पर रुकी रहती है। बाद में चेतन बटन दबाता है और लिफ्ट नीचे की ओर चलती है।
फुटेज में दिखता है कि बहस के दौरान अचानक टीना, सुजाता को थप्पड़ मार देती है। इसके बाद चेतन गुस्से में दोनों की ओर हाथ उठाता है। उसके हाव-भाव से ऐसा प्रतीत होता है कि वह दोनों को चुप रहने या शांत रहने के लिए कह रहा है।
कई सवालों के घेरे में परिवार
लिफ्ट के अंदर का यह विवाद जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सवाल उठता है कि आखिर बच्चियों के गिरने के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों के बीच इतना तीखा विवाद क्यों हुआ? क्या हादसे से पहले फ्लैट के अंदर कुछ ऐसा हुआ था, जिसने इस घटना को जन्म दिया?
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चियां खुद बालकनी से गिरीं या उन्हें धक्का दिया गया। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस की जांच तेज
पुलिस ने सोसायटी की लिफ्ट का DVR कब्जे में लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। तकनीकी टीम फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज की टाइमलाइन, ऑडियो (यदि उपलब्ध हो) और गतिविधियों के क्रम का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस फिलहाल इस बारे में आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रही है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि DVR में दर्ज गतिविधियां मामले की दिशा बदल सकती हैं।
हादसा या साजिश?
इस पूरे मामले ने कई परतें खोल दी हैं। एक तरफ तीन मासूम जिंदगियों का असमय अंत है, तो दूसरी तरफ परिवार के भीतर चल रहा तनाव सामने आ रहा है। लिफ्ट में हुई मारपीट और बहस ने शक की सुई को और तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक सबूत (Electronic Evidence) बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। CCTV फुटेज अक्सर उन तथ्यों को उजागर कर देता है, जो मौखिक बयानों में छिपे रह जाते हैं।
समाज में बढ़ती पारिवारिक जटिलताएं
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती पारिवारिक जटिलताओं की भी झलक दिखाती है। बहुविवाह, आपसी विवाद और पारिवारिक तनाव कई बार ऐसी दुखद घटनाओं को जन्म देते हैं।
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। सभी संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीनों बच्चियों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और DVR फुटेज के अंतिम विश्लेषण पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि यह एक दर्दनाक हादसा था या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।
