बीते कुछ समय से वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में जो भारी उछाल आया है, उसके पीछे केवल निवेशकों का हाथ नहीं है। दुनिया भर के देशों के केंद्रीय बैंक (Central Banks) जिस रफ्तार से सोना खरीद रहे हैं, उसने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के महीने में वैश्विक स्तर पर 45 टन सोने की खरीदारी हुई, जो पिछले 11 महीनों में दूसरी सबसे बड़ी खरीद है।
इस पूरी रेस में एक ऐसा देश सबसे आगे निकलकर उभरा है, जिसकी चर्चा आमतौर पर कम होती है। वह देश है पोलैंड, जो यूरोप का एक छोटा सा राष्ट्र है लेकिन सोने के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को टक्कर दे रहा है।
पोलैंड: झारखंड जितनी आबादी, पर सोने का विशाल भंडार
दिलचस्प बात यह है कि पोलैंड की आबादी करीब 4 करोड़ के आसपास है, जो भारत के झारखंड राज्य के लगभग बराबर है। लेकिन आर्थिक फैसलों के मामले में यह देश बेहद आक्रामक नजर आ रहा है।
लगातार खरीदारी: पोलैंड के नेशनल बैंक ने अकेले नवंबर महीने में 12 टन सोना खरीदा। इससे पहले अक्टूबर में भी पोलैंड दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार बनकर उभरा था।
विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा: पोलैंड का कुल गोल्ड रिजर्व अब 543 टन तक पहुँच गया है। यह उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) का लगभग 28% है।
लक्ष्य 30%: पोलैंड की योजना अपने कुल रिजर्व का 30 फीसदी हिस्सा सोने के रूप में रखने की है। इसके लिए वे साल 2018 से ही लगातार गोल्ड बाइंग मिशन पर हैं।
क्यों सोना खरीद रहे हैं देश?
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए देश सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। सोना एकमात्र ऐसी संपत्ति है जिसका कोई ‘काउंटरपार्टी रिस्क’ नहीं होता और संकट के समय यह सबसे विश्वसनीय माना जाता है।
किसके पास है सबसे ज्यादा ‘खजाना’? (Global Gold Reserves)
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के पास मौजूद सोने की लिस्ट काफी दिलचस्प है। यहाँ शीर्ष देशों का क्रम दिया गया है:
| रैंक | देश | सोना (टन में) |
| 1 | अमेरिका (US Fed Reserve) | 8,133 |
| 2 | जर्मनी | 3,350 |
| 3 | इटली | 2,452 |
| 4 | फ्रांस | 2,437 |
| 5 | रूस | 2,330 |
| 6 | चीन | 2,304 |
| 7 | स्विट्जरलैंड | 1,040 |
| 8 | भारत (RBI) | 880 |
| 9 | जापान | 846 |
| 10 | नीदरलैंड | 612 |
भारत के पास है ‘असली’ खजाना: 35,000 टन सोना!
जहाँ एक तरफ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास 880 टन सोना है, वहीं गोल्डमैन सैश की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट बताती है कि असली खजाना भारतीय घरों में छिपा है।
भारतीय घरों की ताकत: रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास करीब 35,000 टन सोना है।
अर्थव्यवस्था से बड़ा भंडार: इस सोने की कुल कीमत लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपये) आँकी गई है। यह राशि भारत की पूरी जीडीपी से भी कहीं अधिक है। भारतीय संस्कृति में सोने को केवल गहना नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा माना जाता है, यही वजह है कि भारत ‘सोने की चिड़िया’ के अपने पुराने गौरव को आज भी निजी स्तर पर संजोए हुए है।
निष्कर्ष
सोने की बढ़ती खरीदारी इस बात का संकेत है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था आने वाले समय में बड़ी अनिश्चितताओं की तैयारी कर रही है। पोलैंड जैसे छोटे देशों का गोल्ड की ओर झुकाव यह साबित करता है कि आने वाले समय में वही देश सुरक्षित रहेगा, जिसका ‘बही-खाता’ सोने से मजबूत होगा।
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