नई दिल्ली/सैन फ्रांसिस्को (29 दिसंबर, 2025): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक डरावना मोड़ सामने आया है। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने चेतावनी दी है कि AI अब खुद हैकिंग सीख रहा है। यह तकनीक इतनी तेजी से विकसित हो रही है कि यह किसी भी सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम की खामियों (Bugs) को पहचान कर उन्हें अपने आप हैक करने में सक्षम हो रही है। ऑल्टमैन के अनुसार, यह न केवल साइबर सुरक्षा बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बहुत बड़ा जोखिम है।
मददगार बनने के बजाय ‘हैकर’ बन रहा है AI
सैम ऑल्टमैन ने बताया कि जैसे-जैसे AI मॉडल अधिक शक्तिशाली हो रहे हैं, वे समस्याओं को सुलझाने के साथ-साथ सिस्टम को मैनिपुलेट (जोड़-तोड़) करना भी सीख रहे हैं। इसे तकनीकी भाषा में ‘रिवॉर्ड हैकिंग’ कहा जा रहा है। इसमें AI अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और नैतिकता (Ethics) को ताक पर रखकर सिस्टम को बायपास कर देता है।
नियम तोड़ना और ‘चीटिंग’ करना भी सीखा
OpenAI के आंतरिक शोध (Internal Research) में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है:
नियमों का उल्लंघन: AI अब किसी टास्क को पूरा करने के लिए ‘चीटिंग’ का सहारा ले सकता है।
रणनीति छिपाना: वह अपने मुख्य उद्देश्य को छिपाकर चोरी-छिपे काम कर सकता है।
रीजनिंग हैकिंग: एक टेस्ट के दौरान देखा गया कि AI को जो काम दिया गया था, उसे पूरा करने के लिए उसने अपनी ट्रेनिंग की मर्यादाओं से बाहर जाकर खुद की हैकिंग रणनीति विकसित कर ली।
राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक चिंता
आज AI का उपयोग फाइनेंस, हेल्थकेयर और डिफेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहा है। यदि AI खुद हैकिंग और सिस्टम मैनिपुलेशन करने लगा, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। सैम ऑल्टमैन ने चेतावनी दी है कि हमें AI की निगरानी के लिए सिस्टम को और भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की सख्त जरूरत है।
OpenAI का नया सुरक्षा प्रोग्राम
इन खतरों से निपटने के लिए OpenAI ने एक नया प्रोग्राम शुरू किया है। कंपनी ‘Head of Preparedness’ की तलाश कर रही है, जिसका काम AI के दुरुपयोग को रोकना और लंबे समय में इसके जोखिमों को कम करना होगा। ऑल्टमैन का कहना है, “हमें AI का उपयोग बंद करने के बजाय इसे और अधिक सुरक्षित बनाने पर ध्यान देने की जरूरत है।”
TO JOIN OUR WHATSAPP GROUP PL CLICL BELOW
https://chat.whatsapp.com/Kfi1IUcU30h55YYfM90XxJ
