एयरोस्पेस डेस्क: इंजीनियरिंग (Engineering) की दुनिया में जब भी किसी अजूबे की बात होती है, तो स्ट्रैटोलॉन्च आरओસી (Stratolaunch ROC) का नाम सबसे ऊपर आता है। यह केवल एक हवाई जहाज नहीं है, बल्कि आसमान में उड़ने वाला एक ऐसा भीमकाय ढांचा है जिसे देखकर पहली बार में आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है।
पौराणिक पक्षी के नाम पर पड़ा नाम (Named after Mythological Bird)
अपनी बनावट में यह दो अलग-अलग जेट विमानों के मेल जैसा दिखता है, जिन्हें विशाल पंखों के जरिए आपस में जोड़ दिया गया हो। इस विमान का नाम ‘ROC’ एक पौराणिक विशालकाय पक्षी के नाम पर रखा गया है, जिसके बारे में कहा जाता था कि वह अपनी चोंच में हाथियों को भी उठाकर ले जा सकता था। आज यह विमान अपनी अविश्वसनीय चौड़ाई और शक्ति के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फुटबॉल मैदान से भी ज्यादा चौड़ाई (Wider than a Football Field)
इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसके पंख (Wingspan) हैं:
पंखों की चौड़ाई: इसके पंखों की कुल चौड़ाई 385 फीट (117 मीटर) है।
तुलना: एक मानक अमेरिकी फुटबॉल मैदान की लंबाई 300 फीट होती है, यानी यह विमान एक पूरे फुटबॉल मैदान से भी कहीं ज्यादा चौड़ा है।
फ्यूजलेज (Fuselage): इसके दो मुख्य धड़ (Fuselage) हैं, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 238 फीट है।
28 पहिये और 6 शक्तिशाली इंजन (Wheels and Engines)
इतने भारी-भरकम ढांचे को संभालने और सुरक्षित लैंडिंग के लिए इसमें कुल 28 पहिये लगाए गए हैं। इसमें 12 मुख्य लैंडिंग गियर व्हील्स (Landing gear wheels) प्रत्येक फ्यूजलेज के नीचे और बाकी नोज गियर व्हील्स शामिल हैं।
इसे हवा में उड़ाने के लिए 6 विशालकाय प्रैट एंड व्हिटनी (Pratt & Whitney) इंजनों का उपयोग किया गया है। प्रत्येक इंजन लगभग 56,750 lbf का जबरदस्त थ्रस्ट (Thrust) पैदा करता है, जो इसे आसमान की ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए जरूरी शक्ति प्रदान करता है।
खास तकनीक और पेलोड क्षमता (Technology and Payload)
इस विमान की तकनीकी बनावट भी बेहद दिलचस्प है:
कॉकपिट (Cockpit): इसके पायलट, को-पायलट और फ्लाइट इंजीनियर केवल दाईं ओर के फ्यूजलेज कॉकपिट में बैठते हैं।
मानव रहित हिस्सा: बाईं ओर का फ्यूजलेज पूरी तरह से मानव रहित (Unmanned) होता है और वहां केवल फ्लाइट डेटा सिस्टम (Flight data systems) रखे जाते हैं।
पेलोड (Payload): इसका अपना वजन लगभग 2.26 लाख किलो है, लेकिन यह अपने साथ लगभग 250 टन का वजन उठाकर उड़ने में सक्षम है।
मिशन और उद्देश्य (Purpose and History)
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक पॉल एलन (Paul Allen) द्वारा सह-स्थापित इस प्रोजेक्ट का मूल उद्देश्य हवा से ही अंतरिक्ष रॉकेट लॉन्च (Rocket Launch) करना था। हालांकि, उनकी मृत्यु के बाद इस विमान की भूमिका बदल दी गई है। अब इसका मुख्य उपयोग हाइपरसोनिक फ्लाइट टेस्टिंग (Hypersonic Flight Testing) के लिए किया जा रहा है।
इसे उड़ान भरने के लिए कम से कम 12,000 फीट लंबे रनवे (Runway) की आवश्यकता होती है। साल 2011 में पहली बार प्रोटोटाइप (Prototype) के रूप में सामने आने के बाद इसने 2019 में अपनी पहली सफल उड़ान भरी थी।
निष्कर्ष: स्ट्रैटोलॉन्च आरओસી विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में मानव कल्पना और इंजीनियरिंग की श्रेष्ठता का एक अद्भुत उदाहरण है।
