वॉशिंगटन/मैरीलैंड: साल 2026 की शुरुआत अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के लिए एक बेहद बुरी खबर के साथ हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कड़े आदेश के बाद, मैरीलैंड स्थित नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर (Goddard Space Flight Center) की 67 साल पुरानी सबसे समृद्ध रिसर्च लाइब्रेरी को 2 जनवरी को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।
1959 से अंतरिक्ष रहस्यों का गवाह थी यह लाइब्रेरी
नासा की स्थापना के समय, यानी 1959 में शुरू हुई यह विशाल लाइब्रेरी अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी शोध का एक अनमोल खजाना थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अपनी भविष्य की योजनाओं के हिस्से के रूप में बंद करने का निर्देश दिया है। हालांकि, इस फैसले ने नासा के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और स्थानीय राजनेताओं के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
लाइब्रेरी में क्या-क्या था खास?
विशाल संग्रह: 1270 एकड़ में फैले इस परिसर की लाइब्रेरी में 1,00,000 से अधिक वॉल्यूम (किताबें और दस्तावेज) मौजूद थे।
ऐतिहासिक डेटा: इसमें हबल स्पेस टेलिस्कोप (Hubble Space Telescope) और जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) जैसे महत्वपूर्ण मिशनों की तकनीकी जानकारी और ऐतिहासिक शोध विवरण सुरक्षित थे।
भविष्य पर संकट: रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक इस लाइब्रेरी की 13 इमारतों और विज्ञान एवं इंजीनियरिंग की 100 प्रयोगशालाओं को भी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
कूड़े की तरह फेंके गए उपकरण, वैज्ञानिकों में रोष
गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के एसोसिएशन ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि लाइब्रेरी से विज्ञान के आधुनिक उपकरण और अंतरिक्ष यान की डिजाइनिंग में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बाहर निकालकर फेंक दिया गया है।
नासा के प्रवक्ता जैकब रिमोंड ने स्पष्ट किया है कि लाइब्रेरी की कुछ सामग्री को सरकारी गोदामों में भेजा जाएगा, जबकि बाकी सामग्री को नष्ट कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि 2022 से 2025 के बीच नासा की सात अन्य लाइब्रेरियां पहले ही बंद की जा चुकी हैं।
राजनीतिक विरोध
मैरीलैंड के सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नासा के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रमों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। वह पिछले एक साल से नासा को निशाना बना रहे हैं और हम इस आदेश का कड़ा विरोध करेंगे।”
