हवाई सफर के दौरान अक्सर यात्री अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप को चार्ज करने के लिए पावर बैंक का सहारा लेते थे। लेकिन अब ऐसा करना नियमों के खिलाफ होगा। DGCA द्वारा जारी नई एडवायजरी (Advisory) के अनुसार, यात्री अब उड़ान के दौरान अपने गैजेट्स को चार्ज करने के लिए पावर बैंक को ऑन नहीं कर सकेंगे।
यह निर्णय हवाई जहाज के भीतर होने वाली आगजनी की घटनाओं (Fire Incidents) को रोकने के लिए लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर बैंक के भीतर मौजूद लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion Battery) अगर ओवरहीट (Overheat) हो जाए, तो वह एक बड़े खतरे का कारण बन सकती है।
आखिर क्यों लिया गया यह सख्त फैसला? (Key Reasons)
फ्लाइट में पावर बैंक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के पीछे मुख्य कारण यात्रियों की सुरक्षा (Passenger Safety) है। इसके कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
ओवरहीटिंग की समस्या (Overheating Issue): पावर बैंक में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरी रासायनिक रूप से बहुत अस्थिर (Unstable) हो सकती है। चार्जिंग के दौरान या तकनीकी खराबी की वजह से यह तेजी से गर्म हो सकती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
आगजनी की पिछली घटनाएं (Past Incidents): हाल के महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां पावर बैंक की वजह से विमान के केबिन में धुआं या आग देखी गई।
दिल्ली-दिमापुर फ्लाइट: अक्टूबर में एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लग गई थी।
एयर बुसान मामला: दक्षिण कोरिया की एक फ्लाइट में पावर बैंक फटने से हड़कंप मच गया था।
सीमित संसाधन (Limited Resources): हवा में उड़ते विमान के अंदर आग बुझाना जमीन की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। केबिन के भीतर धुआं फैलने से यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत (Asphyxiation) हो सकती है और पायलट का विजन भी प्रभावित हो सकता है।
नई गाइडलाइन्स और सेफ्टी प्रोटोकॉल (Safety Protocols)
DGCA ने केवल बैन ही नहीं लगाया है, बल्कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के लिए सख्त निर्देश (Strict Instructions) भी जारी किए हैं:
क्रू की ट्रेनिंग (Crew Training): अब सभी एयरलाइंस को अपने केबिन क्रू को विशेष ट्रेनिंग देनी होगी ताकि वे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस से निकलने वाले धुएं या “वार्निंग साइन्स” को समय रहते पहचान सकें।
अनाउंसमेंट (Announcements): फ्लाइट टेक-ऑफ करने से पहले यात्रियों को सुरक्षा निर्देशों के दौरान स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि पावर बैंक का उपयोग वर्जित है।
एयरपोर्ट पर जागरूकता (Airport Awareness): एयरपोर्ट काउंटर्स, चेक-इन पॉइंट्स और बोर्डिंग गेट्स पर बड़े डिस्प्ले और वीडियो के जरिए यात्रियों को जागरूक किया जाएगा।
यात्रियों को अब क्या करना होगा? (Guidelines for Passengers)
अगर आप अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
चेक-इन बैग में न रखें (No Check-in Luggage): पावर बैंक को कभी भी चेक-इन सामान में नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा हैंड बैगेज (Hand Luggage) में ही ले जाना अनिवार्य है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में क्रू तुरंत कार्रवाई कर सके।
इस्तेमाल पर रोक (Usage Restriction): आप इसे अपने साथ केबिन में ले तो जा सकते हैं, लेकिन फ्लाइट के अंदर इससे मोबाइल चार्ज करना अब गैर-कानूनी होगा।
सामान्य स्पीड अप्स (General Speed Ups): हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने के लिए प्रशासन ने कुछ ‘जनरल स्पीड अप्स’ (General Speed Ups) लागू किए हैं। DGCA के अनुसार, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सुरक्षा जांच के दौरान यात्रियों को कम से कम मिनट (Minutes) का इंतजार करना पड़े, ताकि नियमों का पालन भी हो और यात्रा में देरी भी न हो।
आधुनिक युग में गैजेट्स हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। विमानन क्षेत्र में “सेफ्टी फर्स्ट” (Safety First) का नियम सर्वोपरि है। पावर बैंक पर लगाया गया यह प्रतिबंध यात्रियों की जान बचाने और विमान को सुरक्षित लैंड कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगली बार जब आप बोर्डिंग पास लेकर विमान में चढ़ें, तो सुनिश्चित करें कि आपका पावर बैंक बंद है। यह छोटा सा कदम आपकी और आपके साथी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
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