गांधीनगर: गुजरात के फाइनेंशियल हब ‘गिफ्ट सिटी’ (GIFT City) को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और व्यापारिक सुगमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने शराबबंदी के नियमों में ऐतिहासिक ढील दी है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब गुजरात से बाहर के पर्यटकों और विदेशी नागरिकों को शराब के सेवन के लिए ऑनलाइन या फिजिकल परमिट की जटिल प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा। वे केवल अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof) दिखाकर शराब का आनंद ले सकेंगे।
प्रमुख बदलाव: परमिट की झंझट खत्म
अब तक गुजरात में शराब के सेवन के लिए परमिट लेना एक अनिवार्य और लंबी प्रक्रिया थी, लेकिन गिफ्ट सिटी के लिए नियमों को बेहद सरल बना दिया गया है।
- बाहरी व्यक्ति (External Persons): अन्य राज्यों के भारतीय नागरिक या विदेशी पर्यटक अब केवल अपना पासपोर्ट या आधार कार्ड दिखाकर अधिकृत होटल या क्लब में ड्रिंक्स ले सकेंगे।
- कर्मचारी और उनके मेहमान: गिफ्ट सिटी में काम करने वाले कर्मचारियों को ‘लिकर एक्सेस परमिट’ (फॉर्म A-1) दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परमिट धारक कर्मचारी अपने साथ आने वाले 25 मेहमानों के लिए ‘अस्थायी परमिट’ (फॉर्म A-2) प्राप्त कर सकेगा। हालांकि, मेहमानों के साथ कर्मचारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
पूल-साइड और टेरेस पर ‘वाइन एंड डाइन’ का मज़ा
नए नियमों का सबसे आकर्षक पहलू यह है कि अब शराब का सेवन केवल बंद कमरों या रेस्टोरेंट की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ने अब होटलों की लोन (Lawn), पूल-साइड, टेरेस और अन्य F&B (फूड एंड बेवरेज) क्षेत्रों में भी शराब परोसने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा, मेहमान FL-3 लाइसेंस के माध्यम से अपने होटल रूम में भी शराब मंगवा सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिफ्ट सिटी से बाहर शराब की बोतल ले जाने पर सख्त पाबंदी रहेगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और भविष्य की तैयारी
राजनीतिक और व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े फैसले के पीछे साल 2030 में अहमदाबाद में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स एक मुख्य कारण है। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में आने वाले विदेशी खिलाड़ियों, कोचों और दर्शकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अपनी नीतियों को लचीला बना रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में अहमदाबाद के कुछ विशेष क्षेत्रों में भी गिफ्ट सिटी जैसी रियायतें दी जा सकती हैं।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा और ‘नाइट इकोनॉमी’ को बढ़ावा
दुबई, सिंगापुर और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों से मुकाबला करने के लिए गिफ्ट सिटी में ‘नाइट इकोनॉमी’ और ‘कॉर्पोरेट कल्चर’ को विकसित करना अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मत: “इस नीतिगत बदलाव से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि हॉस्पिटालिटी सेक्टर में भारी निवेश आने की भी संभावना है।”
नियम और शर्तें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सभी रियायतें केवल 21 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए ही लागू होंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों या शराब पीकर गिफ्ट सिटी की सीमा से बाहर जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
