टोरंटो/वैंकूवर: कनाडा में बसे भारत-वंशी समुदाय के बीच काम करने वाले इमिग्रेशन एजेंट इन दिनों जबरन वसूली (Extortion) और जानलेवा हमलों के निशाने पर हैं। टोरंटो और वैंकूवर के उपनगरों में सक्रिय इन एजेंटों को भारी रकम के लिए धमकाया जा रहा है, जिससे समुदाय में डर का माहौल है।
आधी रात को गोलियों की गूँज और फिरौती की मांग
हालिया मामला ब्रैम्पटन (GTA) का है, जहाँ 3 जनवरी की रात लगभग 1:30 बजे इमिગ્રેશન कंसल्टेंट विक्रम शर्मा के घर पर एक नकाबपोश शूटर ने अंधाधुंध फायरिंग की।
हमले का विवरण: शर्मा के घर और बाहर खड़ी गाड़ी पर 8 से 9 गोलियां चलाई गईं।
खौफनाक धमकी: हमले के तुरंत बाद शर्मा को व्हाट्सएप पर एक वीडियो भेजा गया, जिसमें शूटर को उनके घर पर फायरिंग करते दिखाया गया था।
5 लाख डॉलर की मांग: जबरन वसूली करने वालों ने उनसे 5,00,000 कनाडा डॉलर की मांग की और पैसे न देने पर परिवार को निशाना बनाने की धमकी दी।
‘शांति के लिए आए थे, दहशत मिली’
इस घटना से बुरी तरह टूटे विक्रम शर्मा ने पंजाबी मीडिया को दिए इंटरव्यू में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, “हम इसके लिए कनाडा नहीं आए थे। हम शांति और यहाँ के सिस्टम के लिए आए थे”। सुरक्षा कारणों से शर्मा और उनका परिवार कनाडा आने के मात्र तीन साल बाद ही देश छोड़कर वापस चला गया है।
पूरे कनाडा में फैला है यह नेटवर्क
स्थानीय मीडिया और जानकारों के अनुसार, यह कोई इकलौती घटना नहीं है:
मिसीसागा और सरे: टोरंटो के मिसीसागा और वैंकूवर के सरे में भी कई इमिग्रेशन एजेंटों को इसी तरह की धमकियाँ मिली हैं।
बड़ी फर्में भी निशाने पर: कई बड़ी इमिग्रेशन कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है, लेकिन बदनामी और डर के डर से वे औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करा रही हैं।
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