नवसारी, गुजरात: गुजरात के नवसारी जिले के दाभेल गांव से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ गौवंश की रक्षा और कसाइयों का साथ न देने की कीमत एक आदिवासी युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। दीपक हलपति नाम के युवक पर स्थानीय कसाइयों ने उस वक्त जानलेवा हमला कर दिया जब उसने गाय काटने में मदद करने से इनकार कर दिया। गंभीर रूप से घायल दीपक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
विवाद की जड़: गाय काटने से इनकार
जानकारी के मुताबिक, दाभेल गांव के कसाई सोकत धूम और उसके बेटे ने दीपक हलपति पर दबाव बनाया कि वह गाय काटने के काम में उनकी मदद करे। जब दीपक ने इस अनैतिक और अवैध कार्य के लिए साफ मना कर दिया, तो कसाई आगबबूला हो गए। उन्होंने न केवल दीपक को बल्कि उसकी पत्नी को भी बेरहमी से पीटा।
मृत्यु पूर्व बयान (Dying Declaration) हुआ वायरल
दम तोड़ने से पहले दीपक हलपति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अस्पताल के बिस्तर पर न्याय की गुहार लगाते हुए दीपक ने कैमरे के सामने हमलावरों के नाम उजागर किए। उसने स्पष्ट रूप से सोकत धूम और उसके बेटे को अपनी इस हालत का जिम्मेदार बताया। यह वीडियो अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया है।
मरोली पुलिस की लापरवाही पर आक्रोश
इस मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दीपक ने मरने से पहले आरोप लगाया कि उसने मरोली पुलिस स्टेशन में कई बार शिकायत की थी और अपनी जान को खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज दीपक जीवित होता। दो दिन पहले गौरक्षकों ने भी पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी
इलाके में भारी तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
एक निर्दोष आदिवासी युवक की हत्या के बाद गौरक्षकों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। आरोपी कसाइयों को फांसी की सजा देने की मांग उठ रही है। तनाव को देखते हुए सिविल अस्पताल और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
