20 दिसंबर, 2025 : अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद, इस विवादास्पद अरबपति का जीवन और उसके अपराध एक बार फिर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए हैं। 2019 में जेल में मृत्यु के समय, एपस्टीन की कुल संपत्ति लगभग 578 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) आंकी गई थी। एक कॉलेज ड्रॉपआउट आखिर कैसे निजी द्वीपों और महलों का मालिक बन गया? आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी।
मध्यमवर्गीय शुरुआत और शुरुआती जीवन
जेफ્રી एपस्टीन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह गणित में इतना मेधावी था कि उसने स्कूल की पढ़ाई समय से पहले ही पूरी कर ली। हालांकि, वह अपनी कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं कर सका। कूपर यूनियन और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पढ़ाई छोड़ने के बाद, उसने न्यूयॉर्क के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल ‘डाल्टन स्कूल’ में गणित और भौतिकी पढ़ाना शुरू किया। उस समय किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह शिक्षक एक दिन अरबों की संपत्ति का मालिक बनेगा।
संपत्ति का रहस्य: दो ‘अरबपति ग्राहक’ और एक ‘टैक्स ट्रिक’
एपस्टीन ने इतनी दौलत कैसे जमा की, यह आज भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन अदालती दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड्स से इसके दो मुख्य कारण सामने आते हैं:
1. दो शक्तिशाली अरबपति ग्राहक: एपस्टीन की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा ‘विक्टोरिया सीक्रेट’ के मालिक लेस वेक्सनर और दिग्गज व्यवसायी लियोन ब्लैक से आया था। 1999 से 2018 के बीच, एपस्टीन की कंपनियों ने लगभग 80 करोड़ डॉलर की कमाई की, जिसमें से 75% से अधिक हिस्सा इन्हीं दो ग्राहकों से मिला था।
2. टैक्स चोरी की चतुर रणनीति: एपस्टीन ने अमेरिकी वर्जिन आइलैंड्स में दो द्वीप खरीदे और वहां अपनी कंपनियां (फाइनेंशियल ट्रस्ट और साउदर्न ट्रस्ट) स्थापित कीं। वहां की सरकार से मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा उठाकर उसने 1999 से 2018 के बीच लगभग 300 मिलियन डॉलर (करीબ 2,500 करोड़ रुपये) के टैक्स की बचत की। इसके अलावा, वह इन कंपनियों से करोड़ों का लाभांश (dividend) भी कमाता रहा।
प्रभावशाली सामाजिक नेटवर्क
एपस्टीन का जाल केवल वेक्सनर और ब्लैक तक सीमित नहीं था। उसके ग्राहकों और मित्रों की सूची में ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ की उत्तराधिकारी एलिजाबेथ जॉनसन, पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी सचिव, कई बड़े राजनेता, नोबेल पुरस्कार विजेता और मशहूर हस्तियां शामिल थीं। इस ऊंचे रसूख और नेटवर्किंग ने उसे वित्तीय जगत में अपनी पैठ जमाने में मदद की।
महलों और निजी द्वीपों का मालिक
अपनी बेहिसाब दौलत से एपस्टीन ने दुनिया भर में विलासितापूर्ण संपत्तियां खरीदीं। उसके पास वर्जिन आइलैंड्स में ‘लिटिल सेंट जेम्स’ नामक निजी द्वीप (जिसे अब एपस्टीन आइलैंड कहा जाता है), मैनहट्टन में आलीशान हवेली, फ्लोरिडा के पाम बीच पर बंगला, और पेरिस तथा न्यू मैक्सिको में करोड़ों की संपत्तियां थीं।
आज जब उसके अपराधों की फाइलें दोबारा खुल रही हैं, तो यह स्पष्ट है कि ग्लैमर और अमीरी की इस चमक के पीछे अपराध और शोषण का एक काला साम्राज्य छिपा था।
