लंदन: एपस्टिन फाइल्स (Epstein Files) से जुड़े लगातार हो रहे खुलासों ने ब्रिटेन (United Kingdom) की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। इन खुलासों के चलते ब्रिटेन के मौजूदा प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (PM Keir Starmer) की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। हालात इतने गंभीर बताए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्टार्मर के इस्तीफे (Resignation) की अटकलें तेज हो गई हैं।
इस राजनीतिक संकट के बीच एक नया नाम तेजी से उभर रहा है—शबाना महमूद (Shabana Mahmood)। चर्चा है कि अगर कीर स्टार्मर पद छोड़ते हैं, तो यूनाइटेड किंगडम को पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री (First Muslim Woman Prime Minister of UK) मिल सकती है।
चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफे से बढ़ा संकट
राजनीतिक हलचल उस वक्त और तेज हो गई जब 8 फरवरी को प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी (Morgan McSweeney) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पीटर मेंडेलसन (Peter Mandelson) को एक अहम पद पर नियुक्त करना उनकी बड़ी भूल थी।
मैकस्वीनी ने कहा कि पीटर मेंडेलसन के कारण पार्टी और देश के भरोसे (Trust) को नुकसान पहुंचा है। उनके इस बयान के बाद लेबर पार्टी (Labour Party) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा।
लेबर पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी
फिलहाल ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार है और हाउस ऑफ कॉमन्स (House of Commons) में उसके पास 650 में से 404 सीटें हैं। बावजूद इसके, कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लेबर पार्टी के 40 से ज्यादा सांसद (MPs) प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से नाराज चल रहे हैं।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, अगर इन सांसदों ने बगावत (Rebellion) का रास्ता अपनाया, तो स्टार्मर की सरकार गिर सकती है या उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
Epstein Files और Peter Mandelson का कनेक्शन
इस पूरे विवाद की जड़ में हैं अमेरिका में सामने आ रही एपस्टिन फाइल्स (Epstein Files Revelations)। इन दस्तावेजों में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मची हुई है।
ताजा खुलासों में यह दावा किया गया है कि पीटर मेंडेलसन, कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टिन (Jeffrey Epstein) के संपर्क में थे। ब्रिटेन पुलिस (UK Police) अब इस मामले में ईमेल्स और दस्तावेजों की जांच (Investigation) कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2008 के बैंकिंग संकट (Banking Crisis) के दौरान पीटर मेंडेलसन ने एपस्टिन के साथ कई गोपनीय वित्तीय चर्चाएं (Confidential Financial Discussions) की थीं। इन आरोपों को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
सरकार गिरने की अटकलें क्यों तेज?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह साबित हो जाता है कि सरकार के वरिष्ठ नेताओं का एपस्टिन जैसे व्यक्ति से संबंध था, तो यह लेबर पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा। ऐसे में कीर स्टार्मर की सरकार पर नैतिक दबाव (Moral Pressure) बढ़ सकता है।
इसी कारण यह कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कौन हैं शबाना महमूद?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शबाना महमूद का नाम तेजी से चर्चा में है। वह वर्तमान में ब्रिटेन सरकार में गृह मंत्री (Home Secretary) की भूमिका निभा रही हैं। शबाना महमूद को लेबर पार्टी की वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है।
वह कीर स्टार्मर की करीबी मानी जाती हैं और एक युवा, तेज-तर्रार नेता के साथ-साथ पेशे से वकील (Lawyer) भी हैं। अगर पार्टी नेतृत्व में बदलाव होता है, तो शबाना महमूद को लेबर पार्टी की सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
UK को मिल सकती है पहली मुस्लिम महिला PM
अगर शबाना महमूद प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह यूनाइटेड किंगडम की पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री होंगी। इससे न सिर्फ ब्रिटेन, बल्कि वैश्विक राजनीति (Global Politics) में भी एक नया इतिहास रचा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ब्रिटिश राजनीति में विविधता (Diversity) और समावेशन (Inclusion) की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
आगे क्या?
फिलहाल सबकी नजरें लेबर पार्टी के अंदरूनी हालात और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अगले कदम पर टिकी हैं। एपस्टिन फाइल्स से जुड़े खुलासे अगर और गहरे होते हैं, तो ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर तय माना जा रहा है।
