गांधीनगर, 22 दिसंबर, 2025ः Drone awareness outreach program for ex-servicemen गोल्डन कतार डिवीजन ने 17 से 19 दिसंबर 2025 तक पूर्व सैनिकों के लिए एक बड़ा ड्रोन जागरूकता आउटरीच प्रोग्राम सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 300 पूर्व सैनिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
क्यों किया गया यह आयोजन?
इस पहल का मकसद पूर्व सैनिकों को तेज़ी से बदलती ड्रोन टेक्नोलॉजी, उनके इस्तेमाल, उनसे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं और सुरक्षित हैंडलिंग के तरीकों के बारे में नई जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना था।
मिलिट्री स्टेशन के अंदर खास जागरूकता कैंप लगाए गए, जहाँ आधुनिक निगरानी, टोही, लॉजिस्टिक्स और काउंटर-ड्रोन सिस्टम दिखाए गए। पूर्व सैनिकों को ड्रोन की अलग-अलग कैटेगरी, उड़ान के मूल सिद्धांत, ऑपरेशनल क्षमताओं, भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढाँचे और मानवरहित हवाई इकोसिस्टम में उभरते रुझानों के बारे में जानकारी दी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा पहलुओं पर खास ज़ोर दिया गया, जिसमें आधुनिक युद्ध, सीमा निगरानी, आपदा राहत, मानवीय सहायता और नागरिक इस्तेमाल में ड्रोन की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
“पूर्व सैनिकों का सम्मान, सशक्तिकरण और संरक्षण—हमारी जिम्मेदारी”#OurVeteransOurPride
Golden Katar Division hosted a graceful Drone Awareness Outreach at #Gandhinagar Military Station, enlightening Veterans on emerging aerial technologies, safety and security, highlighting modern… pic.twitter.com/cyycyxvNHN— PRO Defence Gujarat (@DefencePRO_Guj) December 21, 2025
हैंड्स-ऑन प्रदर्शनों से प्रतिभागियों को ड्रोन डिज़ाइन, कामकाज, पेलोड इंटीग्रेशन और सुरक्षा तंत्र को करीब से देखने का मौका मिला। विशेषज्ञों ने संभावित हवाई खतरों को पहचानने, रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं, दुरुपयोग से बचने के लिए सावधानियों और नागरिक जीवन में UAV टेक्नोलॉजी के ज़िम्मेदार इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। यह कार्यक्रम पूर्व सैनिक समुदाय के साथ संबंधों को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी काम आया, जिसमें ज़िम्मेदार राष्ट्रीय हितधारकों के रूप में उनके निरंतर योगदान को स्वीकार किया गया।
यह पहल क्षमता निर्माण, जागरूकता पैदा करने और सामुदायिक जुड़ाव के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, यह सुनिश्चित करती है कि हमारे पूर्व सैनिक आज के गतिशील सुरक्षा माहौल में सूचित, सतर्क और तकनीकी रूप से जागरूक रहें। पूर्व सैनिकों की उत्साही प्रतिक्रिया, इंटरैक्टिव चर्चाओं और गहरी रुचि ने इस आउटरीच को बड़ी सफलता दिलाई, जिससे सशस्त्र बलों समुदाय के साथ विश्वास, भरोसा और निरंतर जुड़ाव मज़बूत हुआ।
