जम्मू/राजौरी, 13 जनवरी, 2026: Pakistani drones spotted जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए साजिश रचने की कोशिशें थम नहीं रही हैं। बीती रात राजौरी और पुंछ सेक्टर में एलओसी के पास एक साथ 5 पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसके बाद भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस भागने पर मजबूर कर दिया।
क्या है पूरी घटना?
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, देर रात सीमा पर तैनात सतर्क जवानों ने आसमान में संदिग्ध रोशनी और भिनभिनाहट की आवाज सुनी। रडार और नाइट विजन उपकरणों की मदद से पुष्टि हुई कि ये पाकिस्तानी ड्रोन थे जो भारतीय सीमा के काफी करीब आ गए थे। भारतीय जवानों ने बिना वक्त गंवाए इन ड्रोनों पर भीषण फायरिंग (Counter Attack) शुरू कर दी। सुरक्षाबलों के कड़े रुख को देखते हुए पांचों ड्रोन वापस पाकिस्तानी सीमा की ओर मुड़ गए।
ड्रोन के पीछे क्या है पाकिस्तान की साजिश?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इन ड्रोनों का इस्तेमाल तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए कर रहा है:
हथियारों की सप्लाई: सीमा पार बैठे आकाओं द्वारा आतंकियों के लिए हथियार और गोला-बारूद गिराना।
नशीले पदार्थों की तस्करी: भारतीय युवाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रग्स की खेप भेजना।
जासूसी (Recce): भारतीय सेना की चौकियों और उनकी गतिविधियों की टोह लेना।
इलाके में हाई अलर्ट और सर्च ऑपरेशन: ड्रोन दिखने के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भागने से पहले ड्रोनों ने कोई संदिग्ध पैकेट तो नहीं गिराया है। सीमावर्ती गांवों के निवासियों को भी सतर्क रहने और किसी भी अनजान वस्तु को न छूने की सलाह दी गई है।
भारतीय सेना ने अब एलओसी पर आधुनिक एंटी-ड्रोन गन (Anti-Drone Guns) और जैमर्स की संख्या बढ़ा दी है, जिससे पाकिस्तान की इन तकनीकी साजिशों को नाकाम किया जा सके।
