उत्तरायण के पर्व पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजा होना चाहिए, वहाँ नशा अपनी पैठ जमा रहा है। नडियाद का यह वायरल वीडियो केवल एक युवक का डांस नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक व्यवस्था की गिरती साख का प्रमाण है।
गुजरात जहाँ शराबबंदी लागू है, वहाँ सरेआम छत पर शराब की बोतल लहराना प्रशासन और पुलिस के खौफ की कमी को दर्शाता है। क्या कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है? यह घटना बताती है कि युवा पीढ़ी ‘मजे’ के नाम पर कितनी गलत दिशा में जा रही है। डीजे के शोर में शराब के साथ झूमना हमारी संस्कृति नहीं, बल्कि विकृति है।
