- देखो ओ दिवानों ये काम ना करो, राम का नाम बदनाम ना करोः शशि थरूर
नई दिल्ली, 17 दिसम्बर, 2025: MGNREGA महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने वाले नए कानून ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ 2025 पर सम्पूर्ण विपक्ष ने नाराजगी जताई है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इसी क्रम में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में कहा कि यह अभियान पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार देने में और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सक्षम बनाने में मददगार रहा है। कईं बातों में कुछ समय से एनडीए सरकार का समर्थन करते दिख रहे शशि थरूर ने भी सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘यह इतना क्रांतिकारी कानून है कि, जब इसे बनाया गया तो सदन में मौजूद सभी दलों ने इसे सहमति दी थी। इसके कारण गरीब से गरीब लोगों को 100 दिन का रोजगार मिलता है।’ योजना का नाम बदलने पर उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी मेरे परिवार से नहीं हैं, लेकिन मेरे परिवार जैसे ही हैं और पूरे देश की यही भावना है।’
I would like to oppose the introduction of the proposed bill, the VB–G RAM G Bill, which represents a deeply regrettable and retrograde step for our nation and for our nation’s commitment to the welfare of its most vulnerable citizens.
My first objection, as with others, is the… pic.twitter.com/oUKoGulN4L
— Congress (@INCIndia) December 16, 2025
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी लंबे समय बाद पार्टी के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने कहा, ‘मैं मनरेगा स्कीम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम बदलने के खिलाफ हूं। उन कारणों पर मैं विस्तार से नहीं जाऊंगा क्योंकि पूर्व के वक्ताओं ने उस पर काफी बोला है।’
शशि थरूर ने कहा, “मैं ‘जी राम जी’ विधेयक का विरोध करता हूं। मेरी पहली शिकायत यह है कि इसका नाम बदला जा रहा है, जो पहले महात्मा गांधी के ऊपर था। महात्मा गांधी का राम राज्य का विजन राजनीतिक आयोजन नहीं था बल्कि सामाजिक सुधार था। वह चाहते थे कि हर गांव सशक्त हो और राम राज्य जैसी स्थिति बने। उनके नाम को हटाना गलत है और नैतिकता के खिलाफ है। मेरे बचपन में गाते थे – देखो ओ दिवानों ये काम ना करो, राम का नाम बदनाम ना करो।”
