मुंबई/चेन्नई: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय ‘रसमलाई’ और ‘पैर काट देने’ जैसे बयानों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और भाजपा नेता के. अन्नामलाई के बीच छिड़ा जुबानी युद्ध अब सीधे टकराव में बदल गया है।
‘हिम्मत है तो रोक कर दिखाओ’: अन्नामलाई की ललकार
चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए के. अन्नामलाई ने राज ठाकरे और उनके समर्थकों को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं मुंबई जरूर आऊंगा। अगर आपमें हिम्मत है, तो मेरे पैर काटकर दिखाएं। मैं गर्व से कहता हूँ कि मैं एक किसान का बेटा हूँ और ऐसी खोखली धमकियों से नहीं डरता।” उन्होंने आगे सवाल किया कि मुझे धमकाने वाले आदित्य ठाकरे या राज ठाकरे आखिर हैं कौन?
विवाद की जड़: ‘रसमलाई’ कमेंट और तीखी प्रतिक्रिया
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘रसमलाई’ कहा था। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने धमकी दी कि अगर अन्नामलाई मुंबई आए, तो उनके पैर काट दिए जाएंगे।
अन्नामलाई ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “मनसे केवल मुझे गालियां देने के लिए जनसभाएं कर रही है, जो यह साबित करता है कि मेरा राजनीतिक महत्व बढ़ रहा है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि मुंबई एक ग्लोबल सिटी है और उनके बयानों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है।
मराठी अस्मिता बनाम वैश्विक मुंबई
के. अन्नामलाई ने राज ठाकरे के समर्थकों के बयानों को अज्ञानता से भरा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे महान नेता कामराज की प्रशंसा करने से उनकी तमिल पहचान खत्म नहीं होती, वैसे ही मुंबई की तारीफ करना किसी संस्कृति के खिलाफ नहीं है। आगामी बीएमसी (BMC) चुनावों को देखते हुए यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ले सकता है।
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