नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेवा दे चुके युवाओं को स्थायी रोजगार प्रदान करने की दिशा में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के भर्ती नियमों में बड़ा संशोधन किया है। इन नए नियमों के तहत अग्निवीरों को न केवल आरक्षण दिया गया है, बल्कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) और आयु सीमा में भी बड़ी छूट प्रदान की गई है।
आरक्षण में पांच गुना वृद्धि
अब तक BSF में पूर्व अग्निवीरों के लिए केवल 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि BSF में कांस्टेबल पद की हर दूसरी सीट पूर्व अग्निवीरों द्वारा भरी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 10% सीटें पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए और 3% सीटें BSF ट्रेड्समैन के लिए आरक्षित रहेंगी।
फिजिकल टेस्ट देने की जरूरत नहीं
अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उन्हें शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से पूरी तरह छूट दी गई है। सरकार का मानना है कि ये युवा पहले ही सेना में कठोर प्रशिक्षण (Training) से गुजर चुके हैं, इसलिए उन्हें फिर से शारीरिक परीक्षण देने की आवश्यकता नहीं है। इससे भर्ती प्रक्रिया अग्निवीरों के लिए अत्यंत सरल हो जाएगी।
आयु सीमा में बड़ी छूट
सामान्य उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 18 से 23 वर्ष होती है, लेकिन पूर्व अग्निवीरों को इसमें विशेष छूट मिलेगी:
पहले बैच के अग्निवीरों के लिए: अधिकतम 5 वर्ष की छूट।
बाद के बैचों के अग्निवीरों के लिए: अधिकतम 3 वर्ष की छूट।
भर्ती प्रक्रिया और योग्यता
BSF कांस्टेबल बनने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी:
प्रथम चरण: 50% सीटों पर केवल पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी।
द्वितीय चरण: शेष सीटों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से सामान्य भर्ती की जाएगी।
गृह मंत्रालय के इस कदम से अग्निपथ योजना को और अधिक मजबूती मिलेगी और युवाओं में सेना में शामिल होने के प्रति उत्साह बढ़ेगा। इस निर्णय से सुरक्षा बलों को पहले से प्रशिक्षित और अनुशासित जवान मिलेंगे, जो देश की सुरक्षा के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे।
