नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टी20 कप्तान और वर्तमान टेस्ट व वनडे कप्तान रोहित शर्मा ने अपने करियर को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। रोहित ने बताया कि साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार उनके लिए इतनी दर्दनाक थी कि उन्होंने खेल से संन्यास लेने का पूरा मन बना लिया था।
अहमदाबाद की वह रात और टूटा हुआ सपना
19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया की हार ने करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ा था, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह केवल एक हार नहीं, बल्कि उनके वर्षों की तपस्या का अंत जैसा था। हाल ही में एक इवेंट के दौरान अपनी भावनाओं को साझा करते हुए रोहित ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो उस हार के बाद मुझे लगा कि अब मेरे अंदर और क्रिकेट नहीं बचा है। मैं मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह खाली महसूस कर रहा था।”
रोहित ने खुलासा किया कि उस हार के बाद वह अंदर से इतने टूट चुके थे कि उन्होंने क्रिकेट छोड़ने और संन्यास लेने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था।
“मैंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था”
रोहित शर्मा ने बताया कि 2023 वर्ल्ड कप उनके लिए कोई साधारण टूर्नामेंट नहीं था। उन्होंने इसके लिए सालों पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। रोहित ने कहा:
”मैंने उस वर्ल्ड कप के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। यह सिर्फ दो-तीन महीनों की मेहनत नहीं थी। जब से मैंने 2022 में कप्तानी संभाली थी, मेरा एकमात्र लक्ष्य 2023 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना था। हमने लगातार 10 मैच जीते, लेकिन फाइनल की उस हार ने ऐसा महसूस कराया जैसे खेल ने मुझसे मेरी सारी ऊर्जा छीन ली हो।”
रोहित के मुताबिक, हार के बाद के वे कुछ महीने उनके जीवन के सबसे कठिन समय थे। वह किसी भी चीज़ पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है।
अवसाद से उबरने की चुनौती और 2024 का नया सवेरा
किसी भी खिलाड़ी के लिए इतनी बड़ी निराशा से बाहर आना आसान नहीं होता। रोहित ने स्वीकार किया कि उन्हें उस गम से उबरने में कई महीने लग गए। उन्होंने कहा कि जब आप किसी लक्ष्य के लिए अपना पूरा जीवन लगा देते हैं और अंत में असफलता हाथ लगती है, तो ऐसा महसूस होना स्वाभाविक है।
हालांकि, रोहित ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को समझाया कि जीवन यहीं खत्म नहीं होता। उन्होंने बताया, “यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा सबक था। मुझे खुद को रीसेट करना था। मुझे पता था कि 2024 का टी20 वर्ल्ड कप आने वाला है और मुझे अपनी पूरी ऊर्जा उस पर लगानी होगी।” ### रोहित की वापसी और ऐतिहासिक जीत
रोहित शर्मा का खुद को ‘रीसेट’ करने का फैसला भारतीय क्रिकेट के लिए वरदान साबित हुआ। जिस खिलाड़ी ने 2023 के अंत में संन्यास का मन बना लिया था, उसी खिलाड़ी ने जून 2024 में बारबाडोस की धरती पर तिरंगा लहराया। 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतकर रोहित ने न केवल अपना अधूरा सपना पूरा किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
आज रोहित शर्मा की गिनती दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में होती है, लेकिन उनका यह खुलासा याद दिलाता है कि सफलता के पीछे कितने गहरे जख्म और संघर्ष छिपे होते हैं।
