नई दिल्ली/कैलगरी (29 दिसंबर, 2025): क्या जीवित प्राणियों के शरीर में वाकई कोई ‘आत्मा’ होती है, या फिर यह केवल प्राणवायु का खेल है? कनाडा के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी खोज की है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी के शोधकर्ताओं ने पहली बार जीवित प्राणियों के शरीर से निकलने वाली एक सूक्ष्म चमक को विशेष कैमरों में कैद किया है, जिसे ‘बायोफोटॉन्स’ (Biophotons) कहा जाता है।
क्या है यह ‘बायोफोटॉन्स’ का रहस्य?
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई जादू या अलौकिक शक्ति नहीं है। जीवित कोशिकाओं (Cells) के भीतर होने वाली सामान्य रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण यह चमक पैदा होती है। जब कोशिकाओं में मेटाबॉलिज्म (Metabolism) की प्रक्रिया होती है, तो माइटोकॉन्ड्रिया जैसे अणु इलेक्ट्रॉन्स को उत्तेजित करते हैं। जब ये इलेक्ट्रॉन्स अपनी सामान्य स्थिति में लौटते हैं, तो वे प्रकाश के छोटे-छोटे कण यानी ‘फोटॉन्स’ छोड़ते हैं।
यह प्रकाश इतना धीमा होता है कि इसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता। यह सामान्य रोशनी से लाखों गुना कम होता है, लेकिन विशेष EMCCD कैमरों (क्वांटम कैमरा) की मदद से इसे देखा जा सकता है।
चूहों और पौधों पर हुआ सफल प्रयोग
डॉ. डैनियल ओब्लाक के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने ‘बिना बाल वाले चूहों’ (Hairless Mice) पर यह प्रयोग किया।
जीवित अवस्था: जब चूहे जीवित थे, तो उनके पूरे शरीर से एक हल्की रोशनी या चमक दिखाई दे रही थी।
मृत्यु के बाद: जैसे ही चूहों की मृत्यु हुई, यह चमक पलक झपकते ही गायब हो गई।
पौधों पर असर: वैज्ञानिकों ने ‘अम्ब्रेला ट्री’ की पत्तियों में भी यह चमक देखी। जब पत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया या उन्हें गर्म किया गया, तो यह चमक और बढ़ गई, जो पौधों के ‘तनाव’ (Stress) को दर्शाती है।
आत्मा, ओरा या विज्ञान?
जहाँ आम लोग इसे ‘आत्मा’, ‘ओरा’ या ‘प्राणवायु’ का नाम दे रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक इसे पूरी तरह से एक बायोकेमिकल प्रक्रिया मानते हैं। यह प्रयोग साबित करता है कि जब तक शरीर में जीवन (मेटाबॉलिज्म) सक्रिय है, तब तक यह ऊर्जा या चमक बनी रहती है।
भविष्य में इस खोज के बड़े फायदे
यह शोध चिकित्सा और कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो सकता है:
कैंसर और रोगों की पहचान: बिना किसी सर्जरी या चीरा लगाए, शरीर के भीतर के ऊतकों (Tissues) के स्वास्थ्य की जांच की जा सकेगी।
खेती में सुधार: बीजों को छुए बिना ही यह पता लगाया जा सकेगा कि वे अंकुरित होंगे या नहीं।
स्वास्थ्य निगरानी: शरीर की अंदरूनी चोटों को इस चमक के उतार-चढ़ाव से समझा जा सकेगा।
