गुजरात के आम नागरिकों के लिए नए साल की शुरुआत (New Year) कुछ खास अच्छी नहीं रही है। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने राज्य परिवहन (State Transport) की बसों के किराए में 3% की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम आज मध्यरात्रि (Midnight) यानी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी (Effective) हो जाएगा।
हैरानी की बात यह है कि पिछले 9 महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब किराए में वृद्धि की गई है, जिससे मुसाफिरों पर कुल 13% का अतिरिक्त आर्थिक बोझ (Financial Burden) आ गया है।
1. किराए में वृद्धि का मुख्य कारण (Key Reason for Hike)
निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं (Better Facilities) और आधुनिक बसें प्रदान करना है। ईंधन की बढ़ती कीमतों (Fuel Prices) और परिचालन लागत (Operational Cost) में वृद्धि के कारण निगम पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा था। हालांकि, जनता के बीच इस तर्क को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है।
2. कितने यात्री होंगे प्रभावित? (Impact on Passengers)
गुजरात ST को राज्य की ‘जीवन रेखा’ (Lifeline) माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार:
प्रतिदिन लगभग 27 लाख मुसाफिर (Daily Passengers) इन बसों में सफर करते हैं।
मध्यम वर्गीय और ग्रामीण परिवारों के लिए ST बस ही परिवहन का मुख्य साधन (Main Source of Transport) है।
किराये में इस वृद्धि से दैनिक यात्रियों (Daily Commuters) के मासिक बजट (Monthly Budget) पर सीधा असर पड़ेगा।
3. किराए का नया गणित (New Fare Structure)
सरकार ने कोशिश की है कि बहुत कम दूरी की यात्रा करने वालों को राहत दी जाए, लेकिन लंबी दूरी के सफर महंगे हो जाएंगे:
| यात्रा की दूरी (Travel Distance) | किराया वृद्धि (Fare Increase) |
| 0 से 9 किलोमीटर | कोई बदलाव नहीं (No Change) |
| 10 से 50 किलोमीटर | ₹1 की वृद्धि |
| 50 किलोमीटर से अधिक | 3% की कुल वृद्धि (Total Increase) |
लोकल सर्विस (Local Services) का हाल:
लोकल बसों में यात्रा करने वाले लगभग 85% यात्री (करीब 10 लाख लोग) 48 किलोमीटर तक का सफर करते हैं। इनके लिए ₹1 की वृद्धि मामूली लग सकती है, लेकिन रोज़ाना सफर करने वालों के लिए यह खर्च महीने के अंत में बड़ा बोझ बन जाता है।
4. 9 महीनों में 13% की भारी वृद्धि
यह वृद्धि इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह बहुत कम अंतराल में की गई है।
पहली वृद्धि: 28 मार्च 2025 को किराए में 10% का इजाफा किया गया था।
दूसरी वृद्धि: 31 दिसंबर 2025 को 3% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई।
कुल मिलाकर, 9 महीनों के भीतर गुजरात की जनता पर 13% का भार (Load) लाद दिया गया है। विपक्ष और आम जनता इसे “महंगाई का मार” (Inflation Blow) कह रहे हैं।

5. यात्रियों की प्रतिक्रिया और चुनौतियां
आम जनता का कहना है कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और विकास की बात करती है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी की जेब खाली की जा रही है। विशेष रूप से छात्रों (Students) और नौकरीपेशा लोगों के लिए, जो पास (Pass) के आधार पर यात्रा करते हैं, उनके लिए भी आने वाले समय में दरें बढ़ सकती हैं।
GSRTC के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती (Challenge) यह है कि वे इस बढ़े हुए किराए के बदले यात्रियों को कितनी गुणवत्तापूर्ण सेवा (Quality Service) प्रदान करते हैं। क्या बसें समय पर चलेंगी? क्या बसों की सफाई और सीटों की हालत में सुधार होगा? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जनता मांग रही है।
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