जम्मू (11 जनवरी, 2026): Satellite phone signals traced near the international border जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास संदिग्ध सैटेलाइट फोन सिग्नल्स मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से पहले आई इस खबर ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई:
जम्मू के सीमावर्ती इलाके कनाचक में सुरक्षा बलों ने एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। खुफिया एजेंसियों द्वारा इस क्षेत्र में आतंकियों के बीच संदिग्ध सैटेलाइट फोन कम्युनिकेशन (Satellite Phone Communication) को ट्रेस किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
जम्मू के बाहरी इलाके में स्थित कनाचक क्षेत्र, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। डिवाइस का प्रकार: सूत्रों के अनुसार, इंटरसेप्ट किए गए सिग्नल थुरैया (Thuraya) सैटेलाइट फोन से जुड़े हो सकते हैं, जो भारत में प्रतिबंधित हैं।
सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ड्रोन और खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) की मदद से घने जंगलों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।
गणतंत्र दिवस से पहले अलर्ट:
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि आतंकी सीमा पार बैठे अपने आकाओं के साथ संपर्क साधने के लिए इन डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जम्मू संभाग के किश्तवाड़, पुंछ और राजौरी जैसे पहाड़ी इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एजेंसियों को संदेह है कि करीब 30-35 आतंकी घुसपैठ के बाद इन क्षेत्रों में सक्रिय हो सकते हैं।
तकनीकी चुनौती:
आतंकी अब पारंपरिक मोबाइल फोन के बजाय एन्क्रिप्टेड और सैटेलाइट आधारित संचार का उपयोग कर रहे हैं ताकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार से बच सकें। हाल ही में कुछ मामलों में चीनी निर्मित हुआवेई (Huawei) सैटेलाइट फोन्स के इस्तेमाल के संकेत भी मिले थे, जो सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़कर काम करते हैं।
फिलहाल, कनाचक और आसपास के गांवों में घर-घर जाकर तलाशी ली जा रही है और आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
