कीव (Kyiv): साल 2026 की शुरुआत यूक्रेन के लिए तबाही का पैगाम लेकर आई है। रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला (Missile and Drone Attack) किया है, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल है। इस हमले में न केवल जान-माल का नुकसान हुआ है, बल्कि कड़ाके की ठंड के बीच देश का ऊर्जा ढांचा (Energy Grid) चरमरा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के नागरिकों का मनोबल तोड़ना और उन्हें हाड़ कँपा देने वाली ठंड में बिना बिजली (Electricity) और हीटिंग (Heating) के रहने को मजबूर करना है।
हमले का पैमाना: मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इस हमले की भयावहता की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि रूस ने यूक्रेन के आठ अलग-अलग क्षेत्रों पर चौतरफा हमला किया है:
ड्रोन: लगभग 300 कामिकेज़ ड्रोन (Kamikaze Drones)।
बैलिस्टिक मिसाइलें: 18 घातक बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles)।
क्रूज मिसाइलें: 7 क्रूज मिसाइलें (Cruise Missiles)।
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International Community) से अपील करते हुए कहा कि रूस विशेष रूप से ऊर्जा स्टेशनों और सब-स्टेशनों (Sub-stations) को निशाना बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता (Military Aid) रुकनी नहीं चाहिए, खासकर सर्दियों में ‘एयर डिफेंस सिस्टम’ (Air Defense System) की सख्त जरूरत है।
भीषण ठंड और ब्लैकआउट (Blackout): नागरिकों की बढ़ती मुसीबतें
यूक्रेन की वायुसेना (Ukrainian Air Force) ने दावा किया है कि उन्होंने 247 ड्रोनों और 7 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, इसके बावजूद रूस के कई वार सटीक ठिकानों पर लगे, जिससे भारी तबाही हुई है।
इमरजेंसी पावर कट: यूक्रेन के ऊर्जा विभाग के अनुसार, राजधानी कीव (Kyiv) सहित खार्किव, ओडेसा और डोनेट्स्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती (Emergency Power Cut) लागू कर दी गई है।
शून्य से नीचे तापमान: कीव में वर्तमान तापमान माइनस 13 डिग्री सेल्सियस (-13°C) तक गिर गया है। बिजली न होने के कारण घरों में हीटिंग सिस्टम (Heating System) बंद हो गए हैं, जिससे लाखों लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है।
विनाश की तस्वीरें: Kharkiv से ओडेसा तक हाहाकार
सीमा के करीब स्थित Kharkiv शहर में एक पोस्टल टर्मिनल (Postal Terminal) पर हुए हमले में 4 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ओडेसा (Odesa): दक्षिण के इस बंदरगाह शहर में एक फिटनेस सेंटर और एक शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाया गया।
क्रिवी रीह (Kryvyi Rih): इस औद्योगिक शहर में गैस पाइपलाइनों और आवासीय इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे गैस सप्लाई (Gas Supply) भी बाधित हुई है।
पुतिन का गुस्सा और पश्चिमी देशों का समर्थन
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों (International Experts) का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को दी जा रही आधुनिक मदद से बौखलाए हुए हैं।
ब्रिटेन की भूमिका: ब्रिटेन यूक्रेन के लिए विशेष ‘नाइटफॉल’ (Nightfall) मिसाइलें विकसित कर रहा है। पुतिन का यह हमला उन सभी देशों को एक कड़ा संदेश है जो यूक्रेन के पीछे खड़े हैं।
रणनीतिक चाल: रूस जानबूझकर सर्दियों के मौसम को एक हथियार (Weapon) के रूप में इस्तेमाल कर रहा है ताकि बुनियादी ढांचे को नष्ट कर नागरिकों को घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सके।
शांति की उम्मीदें धुंधली
राजनयिक प्रयासों (Diplomatic Efforts) के बावजूद, रूस-यूक्रेन युद्ध एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में अभी भी खूनी संघर्ष (Bloody Conflict) जारी है। यूक्रेन अब अपने सहयोगियों से और अधिक आधुनिक हथियारों (Advanced Weapons) की उम्मीद कर रहा है ताकि वह अपनी संप्रभुता (Sovereignty) की रक्षा कर सके।
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